राजस्थान में वेतन-वृद्धि (Increment) कब मिलती है: तारीख़ और नियम

पुनरीक्षित वेतन नियम 2017 (Pay Matrix) वाले राजस्थान के कर्मचारियों की वार्षिक वेतन-वृद्धि साल में एक बार होती है, और हर वेतन-वृद्धि पर मूल वेतन अपने Level में अगले सेल पर चला जाता है। जिन नई भर्तियों की परिवीक्षा 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद पूरी हुई, उन्हें पहली वेतन-वृद्धि परिवीक्षा पूरी होने के बाद आने वाली 1 जनवरी या 1 जुलाई को मिलती है, और अगली एक साल पूरा होने के बाद ही। जिन्होंने परिवीक्षा पूरी कर ली थी और जिनकी वेतन-वृद्धि की तारीख़ 31 मार्च 2023 तक 1 जुलाई थी, उनकी तारीख़ वही रही। MACP मिलने पर यह तारीख़ नहीं बदलती।

तारीख़
1 जनवरी या 1 जुलाईसाल में एक बार
हर वृद्धि पर
अगला सेलPay Matrix में उसी Level का अगला सेल (नियम 12)
नई भर्ती की पहली वृद्धि
परिवीक्षा पूरी होने के 2 से 185 दिन बादपूरी होने के बाद आने वाली 1 जनवरी या 1 जुलाई (नियम 13(2))
MACP मिलने पर
तारीख़ नहीं बदलतीMACP की अनुसूची-VI, बिंदु (13)

आंकड़े जाँचे: · यह पन्ना लोकेश राठोर ने जाँचा:

आपकी वेतन-वृद्धि की तारीख़ कैसे तय होती है

पुनरीक्षित वेतन नियम 2017 के नियम 13 के अनुसार, इनमें से जो आप पर लागू हो:

जो कर्मचारी इन दोनों वाक्यों में नहीं आता, उसकी तारीख़ नियम 13 में अलग से नहीं लिखी है। अपनी तारीख़ अपने DDO से, आदेश देखकर, पक्की करें।

स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 12 · पूरा स्रोत क

नई भर्ती की पहली वेतन-वृद्धि कब मिलती है

नियम 13(2): जिस नई भर्ती को परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी होने पर नियम 17 से Level का सेल 1 मिला हो, उसे पहली वेतन-वृद्धि परिवीक्षा पूरी होने की तारीख़ के हिसाब से मिलती है। यह उन पर लागू है जिनकी परिवीक्षा 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद पूरी हुई। अगली वेतन-वृद्धि एक साल पूरा होने के बाद ही मिलती है।

तालिका 1. परिवीक्षा पूरी होने की तारीख़ और पहली वेतन-वृद्धि (नियम 13(2))

दोनों तारीख़ें शामिल हैं। “उसके बाद की” का मतलब परिवीक्षा पूरी होने की तारीख़ के बाद की पहली 1 जनवरी या 1 जुलाई। अगली वेतन-वृद्धि एक साल पूरा होने के बाद ही मिलती है (हमारे हिसाब से यानी अगले साल उसी तारीख़ को)। परिवीक्षा पूरी होने की तारीख़ वह है जो परिवीक्षा-समाप्ति के आदेश में लिखी हो। 30 जून को परिवीक्षा पूरी होने पर नीचे का नोट देखें।

तालिका को बाएँ-दाएँ खिसकाएँ

परिवीक्षा पूरी हुईपहली वेतन-वृद्धि
30 जून से 30 दिसंबर उसके बाद की 1 जनवरी
31 दिसंबर से 29 जून उसके बाद की 1 जुलाई

यानी पहली वेतन-वृद्धि परिवीक्षा पूरी होने के सबसे जल्दी 2 दिन और सबसे देर से 185 दिन बाद आती है। तारीख़ें इस तरह बँटी हैं कि 30 जून को पूरी हुई परिवीक्षा पर पहली वेतन-वृद्धि 185 दिन बाद 1 जनवरी को मिलती है, जबकि 29 जून को पूरी हुई परिवीक्षा पर सिर्फ़ 2 दिन बाद 1 जुलाई को। नीचे कुछ उदाहरण हैं (तारीख़ें काल्पनिक हैं):

तालिका 2. उदाहरण: परिवीक्षा पूरी होने की तारीख़ से पहली वेतन-वृद्धि

* 30 जून को परिवीक्षा पूरी होने का मामला: नीचे का नोट देखें।

तालिका को बाएँ-दाएँ खिसकाएँ

परिवीक्षा पूरी हुईपहली वेतन-वृद्धिकितने दिन बाद
29 जून 2028 1 जुलाई 20282 दिन
30 जून 2028* 1 जनवरी 2029185 दिन
1 अक्टूबर 2028 1 जनवरी 202992 दिन
30 दिसंबर 2028 1 जनवरी 20292 दिन
31 दिसंबर 2028 1 जुलाई 2029182 दिन
15 मार्च 2029 1 जुलाई 2029108 दिन

30 जून को परिवीक्षा पूरी हो तो

नया पाठ (नियम 13(2), 1 अप्रैल 2023 से) 30 जून को सीधे पहली अवधि (30 जून से 30 दिसंबर) में रखता है, यानी पहली वेतन-वृद्धि 1 जनवरी को। पर संकलित नियमों में नियम 13 के नीचे 21.11.2022 का एक स्पष्टीकरण अब भी छपा है: वह पुराने पाठ पर था और कहता था कि 30 जून को परिवीक्षा पूरी करने वाले की पहली वेतन-वृद्धि अगले साल जुलाई में बनेगी। संकलन यह नहीं बताता कि वह स्पष्टीकरण अब भी लागू है या नहीं। हम उसे पुराने पाठ का मानते हैं (यह हमारा पढ़ना है), इसलिए तालिका में 30 जून पर 1 जनवरी दी है। 30 जून वाले मामले में अपने DDO से आदेश के हिसाब से पक्का करें।

स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 12 · पूरा स्रोत क

किन पर यह नियम लागू नहीं

नियम 13(2) उन नई भर्तियों के लिए है जिन्हें नियम 17 से Level का सेल 1 मिला। जो सरकारी सेवक Pay Matrix में वेतन-निर्धारण के बाद किसी ऊँचे पद पर परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु नियुक्त होता है, उसे परिवीक्षा में पिछले पद का वेतन, वेतन-वृद्धि समेत, मिलता है; परिवीक्षा पूरी होने पर ऊँचे पद पर उसका वेतन पिछले पद के वेतन के बराबर सेल पर (बराबर सेल न हो तो अगले सेल पर) तय होता है (नियम 17 का दूसरा परंतुक, पृ. 20)। अनुसूची-IV के नोट 6 (पृ. 93) के अनुसार पहले से नियमित सेवा वाला कर्मचारी परिवीक्षा में “नियत पारिश्रमिक” या Pay Matrix के अपने पिछले Level का वेतन, जो उसके लिए बेहतर हो, चुन सकता है।

स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 20, 93 · पूरा स्रोत ख

नियुक्ति के बाद हर साल की सैलरी का अनुमान (पहली वेतन-वृद्धि की इसी गिनती पर) आपके पद के पन्ने पर “सेवा के साल के हिसाब से सैलरी” में है: पद के अनुसार वेतन।

हर वेतन-वृद्धि पर कितना बढ़ता है

नियम 12: वेतन-वृद्धि Pay Matrix में उस Level के नीचे वाले सेल के हिसाब से होती है, यानी मूल वेतन उसी Level के अगले सेल पर चला जाता है। नियम-पुस्तिका का अपना उदाहरण: Level 6 में ₹26,400 पर वेतन-वृद्धि के बाद ₹27,200। वृद्धि की रकम सेल तय करते हैं, किसी प्रतिशत का हिसाब नहीं लगाना पड़ता। तालिका में हर सेल पिछले सेल का लगभग 1.03 गुना है (निकटतम ₹100 तक पूर्णांकित), इसलिए ऊँचे Level और ऊँचे सेल पर वृद्धि बड़ी है; यह हिसाब Pay Matrix पन्ने पर है।

स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 12 · पूरा स्रोत क

तालिका 3. हर Level में पहली वेतन-वृद्धि (सेल 1 से सेल 2) और सेल की संख्या, मूल वेतन (₹)

सेल 1 से शुरू करने पर उस Level में अधिकतम इतनी वेतन-वृद्धियों की जगह है (सेल की संख्या − 1), जैसे Level 5 में 39। MACP या पदोन्नति से कर्मचारी Level बदल भी सकता है। कुल 24 Level और 831 सेल।

तालिका को बाएँ-दाएँ खिसकाएँ

Levelसेल 1सेल 2पहली वेतन-वृद्धि (₹)कुल सेलआख़िरी सेल
Level 1 17,70018,2005004056,200
Level 2 17,90018,4005004056,800
Level 3 18,20018,7005004057,900
Level 4 19,20019,8006004060,800
Level 5 20,80021,4006004065,900
Level 6 21,50022,1006004068,000
Level 7 22,40023,1007004071,200
Level 8 26,30027,1008004083,500
Level 9 28,70029,6009004091,300
Level 10 33,80034,8001,000401,06,700
Level 11 37,80038,9001,100401,19,700
Level 12 44,30045,6001,300401,40,100
Level 13 53,10054,7001,600401,67,800
Level 14 56,10057,8001,700401,77,500
Level 15 60,70062,5001,800401,92,000
Level 16 67,30069,3002,000371,95,000
Level 17 71,00073,1002,100361,99,500
Level 18 75,30077,6002,300341,99,500
Level 19 79,90082,3002,400321,99,500
Level 20 88,90091,6002,700292,03,500
Level 21 1,23,1001,26,8003,700182,03,500
Level 22 1,29,7001,33,6003,900172,08,100
Level 23 1,45,8001,50,2004,400142,14,100
Level 24 1,48,8001,53,3004,500142,18,600

स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 25–26 · पूरा स्रोत ङ

मूल वेतन बढ़ने से DA और HRA भी बढ़ते हैं, इसलिए इन-हैंड में आम तौर पर मूल वेतन की वृद्धि से ज़्यादा जुड़ता है; पर वृद्धि के साथ GPF, SI या RGHS की स्लैब बदल जाए, तो यह कम भी रह सकता है। आज की DA दर (60%) पर, अक्टूबर 2026 के वेतन के हिसाब से (सेल 1 से सेल 2):

तालिका 4. सेल 1 से सेल 2 पर एक वेतन-वृद्धि से हर महीने कितना बढ़ता है, आज की DA दर पर (₹ / माह)

इन-हैंड = मूल वेतन, DA, HRA और CCA जोड़कर, GPF, SI और RGHS घटाकर (आयकर नहीं); हिसाब हमारे वेतन गणक वाला ही है। जयपुर = नगर निगम सीमा (HRA 20%, CCA जुड़ा); बाकी जगह (Z) = HRA 10%, CCA नहीं। जोधपुर, कोटा, बीकानेर और अजमेर भी अपनी सीमा के भीतर Y श्रेणी (HRA 20%) में हैं; उनका हिसाब वेतन गणक में अपनी जगह चुनकर देखें। Level 2 में RGHS ₹265 से ₹440 और Level 11 में GPF ₹2,100 से ₹2,850 की स्लैब बदलती है, इसीलिए इन Level में वृद्धि बाकी Level जैसी नहीं है।

तालिका को बाएँ-दाएँ खिसकाएँ

Levelमूल वेतन की वृद्धिइन-हैंड की वृद्धि: जयपुर (नगर निगम)इन-हैंड की वृद्धि: बाकी जगह (Z)
Level 2 500725675
Level 4 6001,0801,020
Level 5 6001,0801,020
Level 8 8001,4401,360
Level 10 1,0001,8001,700
Level 11 1,1001,2301,120
Level 12 1,3002,3402,210

अपने Level और सेल का पूरा हिसाब वेतन गणक में देखें।

कब नहीं मिलती, और क्या तारीख़ नहीं बदलता

स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 15, 17, 20–21, 93–94, 101–102, 106

1 अप्रैल 2023 से पहले का नियम

पहले नियम 13(1) में सभी के लिए एक समान तारीख़ थी: हर साल 1 जुलाई। 1 जुलाई को किसी Level में 6 महीने या उससे ज़्यादा की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी को वेतन-वृद्धि मिलती थी। नियम 13(2) में नई भर्ती को पहली वेतन-वृद्धि परिवीक्षा पूरी होने के बाद आने वाली 1 जुलाई को मिलती थी (30 जून को परिवीक्षा पूरी होने पर 21.11.2022 के स्पष्टीकरण के अनुसार पहली वेतन-वृद्धि अगले साल की 1 जुलाई को)। F.15(1)FD(Rules)/2017 Pt.II, 26.07.2023 की अधिसूचना ने, 1 अप्रैल 2023 से, नियम 13 बदला: जिन्होंने परिवीक्षा पूरी कर ली थी, जो Pay Matrix में वेतन ले रहे थे और जिनकी तारीख़ 31 मार्च 2023 तक 1 जुलाई थी, उनकी तारीख़ वही रखी (13(1)), और नई भर्ती के लिए 1 जनवरी या 1 जुलाई वाला नियम बनाया (13(2))।

स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 12 · पूरा स्रोत क

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान में वेतन-वृद्धि 1 जनवरी को होती है या 1 जुलाई को?

दोनों हो सकती हैं, यह इस पर निर्भर है कि आप किस वर्ग में हैं। जिन्होंने परिवीक्षा पूरी कर ली थी, जो Pay Matrix में वेतन ले रहे थे और जिनकी वेतन-वृद्धि की तारीख़ 31 मार्च 2023 तक 1 जुलाई थी, उनकी तारीख़ वही रही (नियम 13(1))। जिन नई भर्तियों की परिवीक्षा 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद पूरी हुई और जिन्हें नियम 17 से Level का सेल 1 मिला, उन्हें पहली वेतन-वृद्धि परिवीक्षा पूरी होने के बाद आने वाली 1 जनवरी (परिवीक्षा 30 जून से 30 दिसंबर के बीच पूरी हुई तो) या 1 जुलाई (31 दिसंबर से 29 जून के बीच पूरी हुई तो) को मिलती है, और अगली एक साल पूरा होने के बाद ही (नियम 13(2))। विस्तार तालिका 1 में है।

नई भर्ती की पहली वेतन-वृद्धि कब मिलती है?

परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद आने वाली 1 जनवरी या 1 जुलाई को: परिवीक्षा पूरी होने के 2 से 185 दिन बाद। जैसे परिवीक्षा 29 जून 2028 को पूरी हो तो पहली वेतन-वृद्धि 1 जुलाई 2028 को, और 30 जून 2028 को पूरी हो तो 1 जनवरी 2029 को (30 जून वाले मामले की बात नीचे है)। अपनी तारीख़ अपने DDO के आदेश से पक्की करें।

वेतन-वृद्धि पर कितना वेतन बढ़ता है?

मूल वेतन उसी Level के अगले सेल पर चला जाता है (नियम 12)। रकम Level और सेल पर निर्भर है: Level 5 में सेल 1 से सेल 2 पर ₹20,800 से ₹21,400, यानी ₹600 की वृद्धि। आज की DA दर (60%) और HRA भी बढ़ते हैं, इसलिए जयपुर (नगर निगम सीमा) में In-hand ₹1,080 बढ़ता है; पर वृद्धि के साथ GPF, SI या RGHS की स्लैब बदल जाए, तो In-hand की वृद्धि कम रह सकती है। हर Level की वृद्धि तालिका 3 में है।

परिवीक्षा के दौरान वेतन-वृद्धि मिलती है?

नई भर्ती को नहीं: परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु को नियत पारिश्रमिक मिलता है, और परिवीक्षा सफलतापूर्वक पूरी होने पर Level का सेल 1 (नियम 16 और 17)। अपवाद उन सरकारी सेवकों का है जो Pay Matrix में वेतन-निर्धारण के बाद किसी ऊँचे पद पर परिवीक्षाधीन प्रशिक्षु नियुक्त होते हैं: उन्हें परिवीक्षा में पिछले पद का वेतन, वेतन-वृद्धि समेत, मिलता है, और परिवीक्षा पूरी होने पर ऊँचे पद पर उनका वेतन पिछले पद के वेतन के बराबर सेल पर (बराबर सेल न हो तो अगले सेल पर) तय होता है (नियम 17 का दूसरा परंतुक, पृ. 20)। अनुसूची-IV के नोट 6 (पृ. 93) के अनुसार पहले से नियमित सेवा वाला कर्मचारी परिवीक्षा में “नियत पारिश्रमिक” या Pay Matrix के अपने पिछले Level का वेतन, जो उसके लिए बेहतर हो, चुन सकता है। परिवीक्षा का वेतन परिवीक्षा वेतन पन्ने पर है।

MACP मिलने पर वेतन-वृद्धि की तारीख़ बदलती है?

नहीं। MACP की अनुसूची-VI (1 अप्रैल 2023 से लागू; पृ. 99–106) के बिंदु (13) में लिखा है कि MACP मिलने के बाद अगली वार्षिक वेतन-वृद्धि की तारीख़ वही रहती है। MACP पर नया मूल वेतन MACP कैलकुलेटर में निकालें।

Level के आख़िरी (सबसे ज़्यादा वेतन वाले) सेल पर पहुँचने के बाद क्या होता है?

Pay Matrix में उस Level की आख़िरी सेल के आगे कोई सेल नहीं छपा है। हमने 3 अक्टूबर 2026 को पूरी नियम-पुस्तिका (109 पन्ने) के अंग्रेज़ी पाठ में “increment” और “stagnation” शब्द खोजे: आख़िरी सेल के बाद वेतन-वृद्धि का कोई प्रावधान हमें नहीं मिला। MACP नियम 14(1) (पृ. 15) और पृ. 17 के परंतुक के अनुसार L-20 तक के पदों पर ही है (उससे ऊपर के Level वाले पद इसमें नहीं आते), इसलिए Level 21 से 24 में आख़िरी सेल के बाद MACP से भी राहत नहीं है। जो इस स्थिति के पास हैं, वे अपने DDO या वित्त विभाग से पूछें। MACP का अलग प्रावधान MACP पन्ने पर है।

क्या वेतन-वृद्धि रोकी जा सकती है?

सज़ा के रूप में वार्षिक वेतन-वृद्धि रोकी जा सकती है। MACP की अनुसूची-VI के बिंदु (3) के अनुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही में MACP देने का मामला सामान्य पदोन्नति के नियमों के अधीन है और राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम, 1958 से तय होता है, जो इस नियम-पुस्तिका में नहीं छपे हैं। रोक का असर MACP पर उसी अनुसूची के बिंदु (4) में लिखा है: संचयी असर (cumulative effect) के बिना रोक पर हर आदेश के लिए MACP एक साल टलता है, और संचयी असर के साथ रोक पर उतने साल टलता है जितने साल की वेतन-वृद्धि रोकी गई। “संचयी असर” का मतलब आपके आदेश में क्या लिखा है, यह अपने DDO से पक्का करें।

अग्रिम वेतन-वृद्धि (advance increment) क्या है?

नियम 18 के अनुसार अनुसूची-V में गिनाए पदों पर तय संख्या में अग्रिम वेतन-वृद्धियाँ मिलती हैं। अनुसूची-V में ये चिकित्सा और आयुष विभाग के कुछ पदों (Level 14, 15, 16, 19 और 21) के लिए हैं: स्नातकोत्तर (PG) डिग्री पर तीन; PG के बराबर डिप्लोमा पर चिकित्सा पदों में तीन (Level 14) या दो (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और उससे ऊपर के पद)। बाकी पदों के लिए इस नियम-पुस्तिका में ऐसी सूची नहीं है।

1 अप्रैल 2023 से पहले क्या नियम था?

तब नियम 13(1) में सभी के लिए वेतन-वृद्धि की एक समान तारीख़ थी: हर साल 1 जुलाई, और 1 जुलाई को किसी Level में 6 महीने या ज़्यादा की सेवा वाले कर्मचारी को वेतन-वृद्धि मिलती थी। नियम 13(2) में नई भर्ती को पहली वेतन-वृद्धि परिवीक्षा पूरी होने के बाद आने वाली 1 जुलाई को मिलती थी (30 जून को परिवीक्षा पूरी होने पर 21.11.2022 के स्पष्टीकरण के अनुसार पहली वेतन-वृद्धि अगले साल की 1 जुलाई को)। F.15(1)FD(Rules)/2017 Pt.II, 26.07.2023 की अधिसूचना (1 अप्रैल 2023 से लागू) ने नियम 13 बदला।

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इस पन्ने के स्रोत

सभी स्रोत: वित्त विभाग, राजस्थान सरकार

  1. क: नियम 12 और 13: वेतन-वृद्धि और उसकी तारीख़ (2023 का संशोधन और पुराना पाठ भी)राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 12
  2. ग: अग्रिम वेतन-वृद्धि और पदोन्नति: नियम 18, नियम 20 और अनुसूची-Vराजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 21, 94
  3. घ: MACP और वेतन-वृद्धि: नियम 14(1) और उसका परंतुक (L-20 की सीमा), अनुसूची-VI (MACP वाली, 1 अप्रैल 2023 से) के बिंदु (3), (4) और (13)राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 — 01.07.2026 तक संकलित (नई विंडो में खुलता है), 08.07.2026 · पृ. 15, 17, 101–102, 106

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